हर वो लम्हा, जो संजो कर रखा है…
आपने की है कभी ऐसी शरारत ?
| उस दिन जाने क्या हुआ था, मेरा नहाने का ही मन नहीं हो रहा था. मम्मा जबरदस्ती मुझे नहलाने के लिए ले गयी तो मैं इतना हंगामा मचाया की मम्मा भी थक गयी. | |
| और किसी तरह नहा कर कमरे में आयी तो फिर मैंने कपडे पहनने से ही मना कर दिया और पूरे घर में भागने लगी. | |
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फिर किसी तरह पापा ने मुझे नए कपड़े पहनाये. |
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अच्छा रहता हैं ना कभी कभी ऐसी शरारतें करना आप याद कीजिये, तब तक मैं देखती हूँ अपना फेवरिट कार्टून. - आपकी लवी |


