हर वो लम्हा, जो संजो कर रखा है…
आज कुछ काम कर लेती हूँ
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आज कुछ काम कर लेती हूँ. क्या करूँ ? चलो पानी भर लाती हूँ. |
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फिक़्र मत करो मम्मा, मैं कर लूँगी. |
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ऐसे ही तो लाना है. ये ठीक है ना ? |
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ऐसे नही होगा तो, ऐसे ले आऊँगी. ओफ्फो… ये तो ऊलटा हो गया. |
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आप पढ़िए ब्लॉग.. मैं चली पानी भरने - आपकी लवी |