हर वो लम्हा, जो संजो कर रखा है…
लवी के क्या स्टाइल है
| मुझे तो अपने आप ही खाना अच्छा लगता हैं. इसलिए जब सब नाश्ता कर रहे होते हैं, मैं तो मम्मा से खुद के लिए अलग से प्लेट मे नाश्ता ले लेती हूँ. | |
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और कुछ ऐसे स्टाइल के बैठ कर खाती हूँ. |
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| उस दिन जब तरन्नुम खाला घर आयी हुई थीं. उन्होनें मुझे ऐसे खाते देख कहा, ‘लवी के क्या स्टाइल है’ | |
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ऐसा सुन कर मैंने शरमा के कुछ ऐसे मुँह बनाया |
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कैसी लग रही हूँ ऐसे ? आप बताये.. मैं चली कोई नयी शरारत करने. - आपकी लवी |