Laviza

५ फरवरी, जयपुर आज सुबह से ही कुछ अनमना सा फील हो रहा था. भोपाल से आने के बाद मैं अपने दोस्तों को मिस कर रही हूँ और तबियत भी कुछ ठीक नही थी. जुकाम एक दो दिन से था ही आज खांसी भी होने लगी. मम्मी ने इस वजह से आज ऑफिस से छुट्टी ले ली थी. सारा दिन मेरे साथ ही बिजी थी वो. कभी मुझे दवाई देना कभी मेरी कोई और जरूरत पूरी करना. शाम को पापा भी ऑफिस से जल्दी आ गए. मुझे डॉक्टर के पास जो ले जाना था. ७ बजे तैयार होकर हम डॉक्टर अंकल (डॉक्टर विनोद शर्मा) के क्लीनिक में गए. आज भीड़ भी कुछ ज्यादा ही थी. लगता है मौसम बदलने की वजह से बच्चे बीमार हो रहे है.

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पर मुझे तो लगता है की बहुत दिनों से मैं कहीं घूमने नही गई थी ना, तो उस वजह से ही बोरियत महसूस हो रही होगी. इसलिए देखिये ना नए कपड़े पहनते ही मुझे पता लग गया की अब कहीं बाहर जाना है … और मेरी बोरियत भी छु-मंतर हो गई.

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क्लीनिक में डॉक्टर जया ने बड़े प्यार से मेरा चेकअप किया और दवाईयां लिख दी. दवाई खाने में मुझे कोई प्रॉब्लम नही होती. मैं तो मज़े से खा लेती हूँ. लेकिन वो कड़वी वाली दवा, जो वहां क्लीनिक में पिलाई थी, कितनी गन्दी थी. पर कोई बात नही इससे मेरी तबियत ठीक हो जायेगी.

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चलो, अब डिनर का टाइम हो गया है. उसके बाद दवाई भी खानी है.

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आप लोगों ने किया या नही डिनर ?? .. अरे जल्दी कीजिये ना..

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कल मिलते है….