आज नए साल २००९ का पहला दिन | आज मेरी उम्र आठ महीने और दो दिन की हो गई | पिछले आठ महीनों में काफी कुछ अच्छा हुआ | सारी बातें मैं आपसे शेयर नही कर पाई | इन आठ महीनों में क्या क्या हुआ आपको संछेप में बताती हूँ |

घूमना – फिरना
पिछले आठ महीनों में काफी समय तो घूमने में निकल गया |
- पहले भोपाल से गुडगाँव, फिर गुडगाँव से आद्रा, आद्रा से फिर जयपुर |
- हम बड़े पापा को लेने दिल्ली एअरपोर्ट गए, उसके लिए पहले हम जयपुर से गुडगाँव दिलशाद फुपी के घर गए थे |
- गुडगाँव से आने के बाद फिर हम ईद मनाने भोपाल गए |
- जयपुर में तो हम कभी कभी घूमने चले जाते है |
मिलना-जुलना
- भोपाल में सारे परिचित मुझसे मिलने आए |
- गुडगाँव में बड़ी फुपी, बड़े फुपा इशरत बाजी और जेबा बाजी से मिले | वह उनके दोस्त भी मुझसे मिलने आए थे |
- आद्रा में सारे रिश्तेदार आए थे मुझसे मिलने |
- मम्मी के ऑफिस से मम्मी के दोस्त भी मुझसे मिलने आए थे |
- बहुत सारे लोगों से अभी मिलना नही हो पाया है जब आद्रा जाउंगी तो मिलूंगी |
सेहत
- अब तक मुझे BCG, DTP आदि के टीके लग चुके है |
- ये ब्यौरा आप “टीकाकरण ब्यौरा” वाले पेज में देख सकते है |
- और हाँ, पैदा होते ही मुझे पीलिया हो गया था जो करीब एक महीने तक था | उसके बाद मैं बिल्कुल ठीक हो गई |
शौपिंग
- शौपिंग करने तो मैं अभी तक सिर्फ़ गुडगाँव के मेट्रोपोलिटन मॉल और बिग बाज़ार गई हूँ |
- उस समय तो दादा-दादी भी गए थे हमारे साथ |
खाना-पीना
- वैसे तो मैं सिर्फ़ दूध पीती हूँ |
- पर अब मम्मी खीर, उपमा आदि भी कभी कभी खिला देती है |
- आप मेरे नए स्वाद पर देख सकते है मैं क्या क्या खाना सीख लिया |
- कभी कभी मम्मी आयुर्वेद दवा जैसे शहद, हरड, तुलसी, अदरक आदि भी खिला देती है |
सीखना
- मैने खिलौना पकड़ना सीख लिया |
- मैने सिर उठाना सीख लिया |
- मैने जोर से हँसना और जोर से रोना सीख लिया |
- अगर कोई सुला दे तो मैं करवट पर सो सकती हूँ |
इस ब्लोग के ज़रिये आप सब से भी दोस्ती हुई | आपका शुक्रिया |
January 1, 2009