Archive for year 2009

ठण्ड की शुरुआत और भारी भरकम कपड़े

13
ठण्ड की शुरुआत हो चुकी है. कल का दिन तो बहुत ही ठंडा था और कल यहाँ बारिश भी हो गयी. बस फिर क्या था नानी ने मेरे सारे भारी भरकम कपड़े निकाल लिए. मुझे ना इतने भारी भारी कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता, लेकिन ठंडे में तो पहननी पड़ती है और शाम को बाहर घूमने भी नहीं जा सकते. कितना बोरिंग होता [...]

गोल गप्पे का नया नया स्वाद

9
मम्मी जब भी बाहर जाती हैं, गोल गप्पे, जिसे वो पानी पूरी कहती हैं, जरूर खाती है. मैं उनसे लेने की कितनी भी कोशिश कर लूं मुझे खिलाती ही नहीं. पर कल जब हम ट्राईटन मॉल घूमने गए थे तो वहां फ़ूड कोर्ट में उन्होंने मुझे गोल गप्पे खिलाये. गोल गोल, पहले उसे जरा सा तोड़ो, फिर आलू का मसाला भर [...]

मिलिए मेरे दोस्त शेर खान से…

14
मेरे दोस्त शेरू से मिलेंगे ? ये शेर खान है. जब हम दादू के घर गए थे ये मुझे वहां मिला था. पहले तो मुझे इसके पास जाते हुए डर लगा था. इसलिए पहले इसे दूर दूर से ही देखा. फिर थोडी देर में मैं कम्फर्टेबल हो गयी और जब लगा की ये मुझसे दोस्ती करना चाहता है तो मैंने भी इससे दोस्ती कर [...]

एक चिड़िया – अनेक चिड़िया

11
मेरे पापा कहते हैं की उनको बचपन में ‘एक चिड़िया.. अनेक चिड़िया’ वाला गाना बहुत अच्छा लगता था. वो वाला गाना मैंने तो नहीं सुना पर चिडियों, जिन्हें मैं ‘चिया’ कहती हूँ, उनको बुलाना बहुत अच्छा लगता है. कल मैं पापा को भी ले गयी अपने ‘चिया’ से मिलाने… कैसे ?? आप इस [...]

खट्टा मीठा टोमैटो सॉस

13
आपको पता है ये मेरे चेहरे पर क्या लगा है ? ये टोमैटो सॉस है. कैसी लग रही हूँ मैं ऐसे ? कल जब पापा सॉस के साथ भजिये खा रहे थे और मैं उनके पास ही बैठी थी. पापा किसी काम से १ मिनट के लिए कमरे बाहर गए, …और इतनी ही देर में मैंने सॉस का कैसे चटखारा लिया, इन तस्वीरों में देखिये. पापा [...]

साहस को किया सलाम

9
आपको तो पता है की जब भी पापा बाहर जाने के लिए तैयार होते हैं, मुझे पता चल जाता है और मैं जाकर उनसे लिपट जाती हूँ. २७ अक्टूबर को भी मैंने ऐसा ही किया… पर वो तो मुझे घुमाने ले जाने के लिए ही तैयार हो रहे थे. मम्मी पापा मुझे उस दिन ‘अमर जवान ज्योति’ लेकर गए थे. [...]
Go to Top