हर वो लम्हा, जो संजो कर रखा है…
Archive for October, 2009
दूर आसमान में जब एक तारा टूटा था
13October 13, 2009
by लविज़ा | Laviza
in कुछ खास
दूर आसमान में जब एक तारा टूटा था.. तब मम्मी और पापा की एक मन्नत पुरी हुई.. अप्रैल के आखिरी दिनों में मम्मी के दोनों हाथो में रुई के फोहे सी मैं आ गयी.. तब से लेकर अब तक मम्मी पापा ने हर वो लम्हा सँजोकर रखा है जिसने मुझे कली से फूल बनते देखा है.. मेरी नन्ही मुस्कुराहट हो या फिर गीली आँखों [...]