दूर आसमान में जब एक तारा टूटा था.. तब मम्मी और पापा की एक मन्नत पुरी हुई.. अप्रैल के आखिरी दिनों में मम्मी के दोनों हाथो में रुई के फोहे सी मैं आ गयी.. तब से लेकर अब तक मम्मी पापा ने हर वो लम्हा सँजोकर रखा है जिसने मुझे कली से फूल बनते देखा है.. मेरी नन्ही मुस्कुराहट हो या फिर गीली आँखों [...]