कल शाम को जब मम्मी के साथ छत पर खेल रही थी तो मुझे थोडी सी शरारत सूझी और मैं गोल गोल घूमने लगी. सबको ऐसा लगा जैसे मैं कुछ ढूंढ रही हूँ, पर मैं तो वैसे ही शरारत कर रही थी. मम्मी पूछने लगी ‘लवी क्या ढूंढ रही हो ?’ पर मैंने कुछ बताया ही नहीं और ढूँढने जैसे [...]