हर वो लम्हा, जो संजो कर रखा है…
Archive for June, 2009
ताज़ी हवाओं के मजे
13June 17, 2009
उस दिन जब बाल छोटे छोटे करवाने के बाद मैं घर आयी थी तो कुछ फ्रेश फील कर रही थी. और उस दिन बारिश होने के आसार भी दिख रहे थे और ठंडी हवाएं भी चल रही थी. मौसम अच्छा सा लग रहा था.
अच्छी ठंडी हवा कमरे में आ रही थी तो मैंने सोचा छत पर जाकर ही ताजी हवाओं के मजे लेती [...]
लवी की पहचान पहेली
10June 15, 2009
आज मैं आपके लिए लाई हूँ फोटो पहचान पहेली. हरियाणा के ताऊ जी वाले स्टाइल में.
नीचे दी गयी तस्वीर को ध्यान से देखिये और बताएं की ये तस्वीर किसकी है ?
पहचान लिया आपने ?? नहीं !!! ….. अरे ये तो मैं ही हूँ ना.
नानी कितने दिनों से कह रही थीं [...]
दुनिया का नारा जमे रहो
10June 14, 2009
मेरा सोने का स्टाइल भी मस्त है. सोते सोते पूरे बेड का चक्कर लगा लेती हूँ. रात को सोते वक़्त मम्मी को मेरा कितना ख्याल रखना पड़ता है कि कहीं मैं बेड से नीचे गिर ना जाऊं.
पापा कितने दिनों से सोच रहे थे की इसे रिकॉर्ड करना है पर रात को मुमकिन नहीं हो पाता. कल पापा की [...]
अब मैं बड़ी हो गयी हूँ ना.
8June 13, 2009
उस दिन खेलते खेलते मम्मी की इन पुरानी चूड़ियों पर नज़र पड़ गयी. मैंने इन्हें उठा लिया और शुरू हो गयी इनकी जांच. अब मुझे तो पता नहीं था की ये क्या होती है. मुझे लगा कोई खेलने की चीज होगी.
मम्मी ने मुझे इनके साथ खेलते हुए देखा और बस फिर [...]
पर मम्मा इसको मेरी शैतानी कहती हैं
10June 12, 2009
अब तो मैं बिलकुल ठीक हो गयी हूँ और मेरी शैतानियाँ पहले की तरह ही शुरू हो चुकी है. मेरे लिए तो ये सीखने का एक तरीका है पर मम्मा इसको मेरी शैतानी कहती हैं.
कल पापा नया मोबाइल लाये (पुराना मोबाइल तो मैंने बेड के पीछे फ़ेंक फ़ेंक कर बिगाड़ दिया )
मोबाइल उन्होंने [...]
फुटबॉल का खेल… मैं वापस अपने फुल फॉर्म में
3June 11, 2009
कल जब मैं कुछ अच्छा फील कर रही थी तो मैंने और मम्मा ने साथ फुटबॉल खेलने का प्लान बना लिया और हम शुरू हो गए. मम्मा इसे जितना दूर फेंक रहीं थी मैं भाग कर वहां से वापस ले आती. ये फुटबॉल ज्यादा भारी भी नहीं है क्यूंकि इसमें नर्म नर्म रूई भरी हुई है.
और सिर्फ उठा कर ही [...]