Archive for March, 2009

दस में लक्स

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दस में लक्स, दस में लक्स… आपने भी देखा होगा ना ये कॉमर्शियल ऐड टीवी पर. ये मेरा फेवरिट कॉमर्शियल ऐड है. जब भी ये टीवी पर आता है मेरा ध्यान टीवी की ओर ही चला जाता है चाहे मैं कुछ भी कर रही हूँ. अगर मैं खाना खा रही हूँ, या खेल रही हूँ तब भी ये आवाज़ सुनते ही मेरी आँखें टीवी की ओर घूम [...]

कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती

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पिछले कई दिनों से ड्रेसिंग टेबल के दराज में लगे कुंदे मुझे बहुत आकर्षित कर रहे थे. कुंदों को पकड़ कर मैं खड़े होने की कोशिश भी करती हूँ. तीन कुंदे तो मम्मी ने निकाल ही दिए क्यूंकि एक बार इनसे मुझे चोट लगते लगते बची थी. ये बचे हुए दो उनसे निकल नहीं पाए. अच्छा है निकल जाते तो आज मेरा दराज [...]

कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती

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पिछले कई दिनों से ड्रेसिंग टेबल के दराज में लगे कुंदे मुझे बहुत आकर्षित कर रहे थे. कुंदों को पकड़ कर मैं खड़े होने की कोशिश भी करती हूँ. तीन कुंदे तो मम्मी ने निकाल ही दिए क्यूंकि एक बार इनसे मुझे चोट लगते लगते बची थी. ये बचे हुए दो उनसे निकल नहीं पाए. अच्छा है निकल जाते तो [...]

हैप्पी होली

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आप सभी को मेरे और मेरे परिवार की तरफ से होली की शुभकामनायें

मम्मी की फेवरिट कविता

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आज मैं आपको मम्मी की फेवरिट कविता सुना रही हूँ. ये कविता मम्मी ने किसी ब्लॉग में देखा था. रचनाकार का नाम तो उनको भी नहीं पता. आपको अगर पता है तो जरूर बताना. तक़रीबन रोज़ ही पढ़ती है मम्मी इसको. बच्ची का आना जैसे - बेमौसम बादलों के पीछे से सूरज का [...]

मेरी नयी दोस्त.

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  लेजर वैली से आने के बाद लंच किया और फिर ज़ेबा बाजी और इशरत बाजी के साथ थोडी मस्ती की. तब तक शाम हो गयी थी तो हम घर के सामने वाले पार्क में टहलने चले गए थे. पर मुझे वहां ज्यादा मज़ा नहीं आया. क्यूंकि मुझे तो फर्श पर भागने में मज़ा आता है और पार्क की घास चुभ रही थी. वैसे ज़ेबा बाजी और इशरत [...]
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