आपको तो पता है की जब भी पापा बाहर जाने के लिए तैयार होते हैं, मुझे पता चल जाता है और मैं जाकर उनसे लिपट जाती हूँ. २७ अक्टूबर को भी मैंने ऐसा ही किया… पर वो तो मुझे घुमाने ले जाने के लिए ही तैयार हो रहे थे. :)

मम्मी पापा मुझे उस दिन ‘अमर जवान ज्योति’ लेकर गए थे. ‘अमर जवान ज्योति’ देश पर मर मिटने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि स्वरुप बनाया गया है.

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वर्ष 1947 में भारत से टूट कर अलग हुए पाकिस्तान की कश्मीर को हथियाने की पहली कोशिश को अपनी बहादुरी से नाकाम करने वाले पैदल सेना के जवानों को मंगलवार को दक्षिण पश्चिम कमान की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 27 अक्टूबर 1947 के दिन को यादगार बनाने के लिए आयोजित होने वाले पैदल सेना दिवस पर कमान के चीफ ऑफ स्टाफ ले.जनरल एस.एन.हांडा, पूर्व उपसेना प्रमुख मेजर जनरल (से.नि.) सुशील कुमार समेत कई मौजूदा एवं पूर्व सैनिकों ने "इन्फेन्ट्री" के सैनिकों को अमर जवान ज्योति पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

- स्त्रोत

हमने भी वहां शहीदों को श्रंद्धांजलि अर्पित की. कुछ तस्वीरें भी लायी हूँ. आप देखिये.

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वहां खेलते हुए.

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फव्वारे के पास

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वापसी में विधानसभा की ली गयी तस्वीर.

२९ अक्टूबर’०९ को जयपुर के IOCL के पेट्रोल डिपो में लगी आग पोस्ट लिखे जाने तक नहीं बुझी है, जिससे जान माल का काफी नुक्सान हुआ है. मेरी दुआ है की जल्द से जल्द इस आग पर काबू पा लिया जाए ताकि और कोई नुकसान ना हो
                                                              …. आमीन