Copy of DSC00233हेलो दोस्तों, कैसे हैं आप सब ? आपसे कई दिनों के बाद बात हो रही है. मैं ईद मनाने अपने दादा दादी के पास गयी हुई थी.

…अब मैं लौट आई हूँ तो अब आपसे रोजाना बातें होंगी.

आप सभी को मेरे और मेरे परिवार की तरफ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें.

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मम्मी कहती हैं, ‘लवी जब से पैदा हुई है, हर महीने इनका ट्रेन में जाना जरूरी हो गया है. कोई भी महिना ऐसा नहीं गया की हम ट्रेन में नहीं गए.’ क्या करूँ जाना तो पड़ता है ना :)
…और मैं तो ट्रेन में बिलकुल कम्फर्टेबल भी रहती हूँ जरा भी परेशान नहीं करती. और अपनी सीट पर बैठने से ज्यादा मज़ा दुसरे यात्रियों की सीट पर धमाल मचने में आता है

आद्रा (अपने घर) पहुँचने के बाद सबसे पहले मैंने तन्ज़िल भाई से दोस्ती कर ली. अच्छे भाई है मेरे. कभी कभी मैं मार भी दूं तो कुछ भी नहीं कहते :)

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और हम दोनों ने तो दूध पीने के लिए एक अच्छी जगह भी ढूंढ ली थी वहां. जब भी दूध पीना होता था. हम दोनों की मम्मी हमें वहीँ बैठा देती थी.
… और भी मस्ती वाली बातें हैं, अगली बार बताउँगी.

तब तक के लिए बाय…

आज जेबा बाजी का जन्मदिन है. उनको मेरी तरफ से जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनायें

- आपकी लवी