| उस दिन मम्मा जब बाज़ार से वापस आयी और जैसे ही सब्जियों का बैग रखा, मैं तुरंत ही मम्मा की हेल्प करने पहुँच गयी |
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| उसमें मुझे जो चीज सबसे ज़्यादा पसंद आयी, वो था पुदीना. बस मैने गुच्छे से कुछ उठाया और उड़न छू हो गयी |
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| हाँ, उसे खाकर भी देखा था मैने. पता नही स्वाद कैसा था, पर मुझे तो अच्छा लग रहा था. | |
| तभी पीछे से मम्मा आ गयीं मुझसे वो गुच्छा लेने. पर मैं भी कहाँ देने वाली थी. मैं तो वहाँ से भी भाग गयी. |
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| और फिर मज़े से पुदीना का स्वाद लिया.. आपने खाया है कभी ऐसे ? खाईये खाईये, मज़ा आता है. | |
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मैं तो चली, आप पुदीने का स्वाद लीजिये. बाय - आपकी लवी |
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