मेरे जन्मदिन पर रवि अंकल ने मेरे लिए एक बहुत ही प्यारा गीत रचा है. शुक्रिया रवि अंकल.
छम-छम करती आज सलोनी
आई सुबह सुहानी!
जन्म-दिवस है उसका, जिसकी
हँसी बहुत मस्तानी!
जिसे देखकर आ जाती है
हर मन में ख़ुशहाली!
नाच-नाचकर गाते हैं मन
ख़ुशियों की कव्वाली!
कव्वाली में गूँज रही है
सबसे मधुर कहानी!
जन्म-दिवस है … … .
जिसके आने से बगिया की
महक उठे फुलवारी!
कहता है हर फूल जहाँ में
लविज़ा सबसे प्यारी!
है जिसकी हर अदा निराली
परियों की जो रानी!
जन्म-दिवस है … …
तारो की पोटली खुलकर गिरी कही.. जब मिली तो एक तारा कम था मद्धम रोशनी में ज़मीन पर देखा तो एक नन्ही मुस्कुराहट उंगली थाम के चली आई आँगन में.. खिलखिलाती रहती है अब गालो पे हमारे.. और मुड़ कर देखती है पीछे... जब भी प्यार से कोई कहता है... लवी...
वाह लवि तो अब काफ़ी समझदार हो गई है. सफ़ाई तो हर हाल में रखनी ही चाहिये.
रामराम
बिलकुल ताऊ जी
वाह बेटा
अभी से सफाई
लवी स्कुल जाते जाते सफाई कहाँ करने लग गई…
स्कुल कैसा चल रहा है?
प्यार..
अंकल, स्कूल तो अच्छा चल रहा है.. रोज़ जाती हूँ.
सफाई होगी तो लोग स्वस्थ भी तो होंगे…अच्छा लिखा लवी.
_____________________
‘पाखी की दुनिया’ के एक साल पूरे
ब्लॉग के एक साल होने की बधाई
बहुत अच्छी बात है लवी …. लगे रहो … मम्मी को थोडा आराम दो …
My New Post
‘Cowboy’ and ‘Father’s Day Card’
अच्छी पोस्ट है आपकी
बहुत-बहुत बधाई!
आपकी चर्चा तो यहाँ भी है-
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/07/2010.html
लवी ये साफ़ सफाई का शौक बहुत अच्छा है।
ये तो बहुत अच्छा काम है . लगे रहो