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कल भारत सहित दुनिया के कई देशों में फादर्स डे मनाया जायेगा. मदर्स डे ही की तरह ये दिन हम अपने पिता को समर्पित करते है.
हर पिता चाहता है कि उसके बच्चे अच्छे इंसान बने. पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की भी यही इच्छा थी. लिंकन ने सालों पहले अपने बेटे विली के स्कूल प्रिंसिपल को एक खत लिखा था. उसमें उन्होंने उन बातों का जिक्र किया था, जो वे अपने नन्हे को सिखाना चाहते थे. यह खत पूरी दुनिया के लिए एक ऎतिहासिक दस्तावेज है. इसमें कही गई बातें हर पिता के दिल में बसी होती हैं. फादर्स डे के मौके पर पढते हैं, लिंकन का वही खत.
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सम्माननीय सर,
आज मेरे बेटे का स्कूल में पहला दिन है। वह पूरी दुनिया से अभी अनजान है। मैं चाहता हूं कि आप उसे जिंदगी के गुर सिखाएं। इस दुनिया में सारे लोग सच्चे और अच्छे नहीं हैं। यह बात उसे सीखनी होगी। मैं चाहता हूं कि आप उसे यह सिखाएं कि दुनिया के बुरे से बुरे इंसान के पास भी एक अच्छा और पवित्र ह्वदय होता है। हर दुश्मन के अंदर एक बेहतरीन दोस्त बनने की अनंत संभावनाएं छुपी होती हैं। मैं जानता हूं कि अभी इन बातों को सीखने में उसे समय लगेगा। पर फिर भी आप उसे सिखा सकते हैं कि मेहनत से कमाया गया एक रूपया, सडक पर पडे मिलने वाले पांच रूपए के नोट से कहीं ज्यादा मूल्यवान होता है। आप उसे बताएं कि दूसरों से ईष्र्या की भावना को मन से निकाल दे। साथ ही यह भी सिखाएं कि खुलकर हंसते वक्त भी शालीनता बरतना बेहद जरूरी है।
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आप उसे किताबें पढने के लिए कहें, पर साथ ही उसे आसमान में उडते पक्षियों, फूलों पर मंडराती तितलियों को निहारने और कुदरत को महसूस करने की बात याद दिलाते रहें। मेरा मानना है कि ये बातें उसकी बेहतर जिंदगी के लिए ज्यादा जरूरी हैं। आप उसे सिखाएं कि नकल करके एग्जाम पास करने से अच्छा है फेल हो जाना। उसमें अपनी सही बात पर कायम रहने का हुनर होना चाहिए, फिर चाहे दूसरे उसे गलत कहते रहें। दयालु इंसानों के साथ प्यार से पेश आना और बुरे लोगों के साथ सख्ती से पेश आने की बात भी आप उसे बताएं। इन्हीं दिनों में वह दूसरों की तमाम बातों को सुनकर उनमें से अपने काम की चीजों को चुनने की कला विकसित कर सकता है। आप उसे बताएं कि दूसरों को डराना-धमकाना कोई अच्छी बात नहीं है। इस काम से उसे दूर रहना चाहिए।
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उसे यह जरूर बताएं कि मायूसी को किस तरह खुशी में बदला जा सकता है। साथ ही उसे यह भी सिखाएं कि जब कभी उसका रोने का मन करे तो रोने में शर्म बिल्कुल न करे। मैं सोचता हूं कि उसे खुद पर भरोसा होना चाहिए और दूसरों पर भी यकीन करना चाहिए, तभी वह एक बेहतर इंसान बन सकता है। उसे कहें, कामयाबी पाने के लिए सारा आकाश तुम्हारा है! इन बातों में से जितना भी आप उसे सिखा पाएं, उसके भविष्य के लिए बेहतर होगा। फिर अभी वह बहुत छोटा ही तो है और बहुत प्यारा भी।
आपका अब्राहम लिंकन
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साभार : राजस्थान पत्रिका
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और अब चलते चलते मेरे पिता और दुनिया के तमाम पिताओं को समर्पित श्री विद्यानिधि त्रिवेदी की ये कविता
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आप सभी तो फादर्स डे की बहुत बहुत शुभकामनाएं.
अब मैं चलती हूँ, कल फादर्स डे मनाने की बहुत सी तैयारियां करनी है…. बाय… बाय…
- आपकी लवी
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आज तो सेंटी हो रहा हूँ..
दिन ही ऐसा है
पहली बात : बहुत मुश्किलात के बाद खुलता है यह ब्लॉग!
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दूसरी बात : फीड के भ्रम के कारण मैं बहुत दिनों तक यही समझता रहा कि यहाँ कोई पोस्ट लग ही नहीं रही है, जिस कारण मैं इधर आ भी नहीं पाया और इतनी चर्चाओं में लविज़ा की प्यारी छवियों को शामिल नहीं कर पाया! ग़लती मेरी भी है!
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तीसरी बात : कल रविवार से “सरस पायस” पर भी मैं नन्हे साथियों के ब्लॉग्स की चर्चा प्रारंभ कर रहा हूँ! अगर लविज़ा रह जाती तो मुझे अच्छा नहीं लगता!
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चौथी बात : मेरी दृष्टि में पितृ-दिवस पर यह सबसे महत्वपूर्ण पोस्ट है! आप लविज़ा के सहारे बहुत महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं!
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प्यारी बात : “सरस पायस” पर लगे लविज़ा के फ़ोटो को देखकर किसी ने कहा – “ज़रूर यह आपकी बेटी ही होगी!”
सरस पायस पर नन्हें साथियों की चर्चा एक अच्छी शुरुआत है.
मनभावन होने के कारण
“सरस पायस” पर हुई “सरस चर्चा” में
इन्हें देख मन गाने लगता!
शीर्षक के अंतर्गत
इस पोस्ट की चर्चा की गई है!
शुक्रिया अंकल
बहुत प्यारी प्यारी फ़ोटो लगी आज तो लविजा बिटिया की ओर अति सुंदर बाते लेख मै, बाकी भाई हम कोई डे वे नही मनाते
आज तो लवी बहुत सारी अच्छी बातें बताई आप ने..और सुन्दर तस्वीरें और बहुत ही सुन्दर कविता ..
बहुत ही अच्छी पोस्ट है आप की आज की.
फादर्स डे की शुभकामनाएँ…
क्या क्या तैय्यारियाँ कर रही हो..बाद में सब बताना?
थैंक यू फुपी जी
बहुत दिन बाद पोस्ट लिखा है , पर देर आये दुरुस्त आये , अच्छी जानकारी दी आपने , धन्यवाद
फादर डे की शुभकामनायें
आपको भी