भोपाल मे आजकल मेला लगा हुआ है. और मेले जैसा शब्द तो मम्मा को पहले ही आकर्षित करता है . इसलिए हम सब भोपाल मेले की सैर को पहुँच गये.
मेले में मेरे एंजॉय के लिए बहुत सारी चीज़ें थी जैसे झूले…राइडिंग… |
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मेरा तो झूले और बाइक राइडिंग वगैरह में इतना दिल लग रहा था की पापा को तो ज़बरदस्ती मुझे उतारना पड़ा. कहने लगे की लवी चक्कर आ जाएँगे, पर मुझे तो मज़ा आ रहा था ना |
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वर्ष 1992 से लगातार भोपाल में आयोजित हो रहे और 40 दिनों तक चलने वाले भोपाल उत्सव मेला का आयोजन एक जनवरी 2010 से होगा। भोपाल उत्सव मेला समिति के महामंत्री बिमल भंडारी ने एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि 40 दिनों तक चलने वाले मेला में कई कंपनियों और व्यापारियों के 500 स्टॉल लगेंगे। साथ ही बच्चों के लिए डायनासोर पार्क व झूले के अतिरिक्त लगातार सांस्कृतिक आयोजन होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अवकाश के दिनों में परिवार सहित आने वाले व्यक्तियों को ही प्रवेश देने की व्यवस्था की गई है। वहीं मेला उपाध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने कहा कि 19 वर्ष पहले मेला का स्वरूप छोटा था लेकिन यह दिनों दिन बड़ा होता जा रहा है इसलिए हमने प्रशासन से कहीं और बड़े स्थान पर इसे शिफ्ट करने का आग्रह किया है। मेला का समापन 7 फरवरी 2010 को होगा।
स्त्रोत: बिजनेस भास्कर
(Dec 31st, 2009, 12:00 am [IST] |
मेले मे एंजॉय करते हुए
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| वहाँ की एक छोटी सी वीडियो देखिए. नबील भाई की तरह भी मेरा मन भी कार रेसिंग में जाने का था पर उसमें छोटे बच्चे नही जा सकते थे. अगली बार जाऊंगी. |
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| आप गये या नहीं, भोपाल मेले मे ? जाइये जाइये, अभी तो 7th फ़रवरी तक है. |
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आप मेला घुमिये, मैं चली कोई नयी शरारत करने …..बाय
- आपकी लवी |
वाह लाविजा
आपने तो हमें भी भोपाल मेले की सैर करवा दी ….फोटो अच्छे लगे….
ये बढ़िया रहा..तुम्हारे साथ हम भी घूम लिए.
कार रेसिंग बस अगली बार…तब तो लवि बड़ी हो जायेगी न!!
ये तो बढिया बात बताई पर हम तो लवि की अगली शरारत का इंतजार कर रहे हैं.
रामराम.
“ज्यों-ज्यों लविज़ा बड़ी होगी – यह मेला भी उतना ही बड़ा होता जाएगा!”
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ओंठों पर मधु-मुस्कान खिलाती, कोहरे में भोर हुई!
नए वर्ष की नई सुबह में, महके हृदय तुम्हारा!
संपादक : सरस पायस
बहुत अच्छा लगा बिटिया
हम भी गए थे भोपाल मेले में, पर बाद में गए थे. पहले से पता रहता कि लविजा बिटिया भी जा रही है तो हम भी उसी समय पहुँच जाते. चलो कोई बात नहीं अभी तो मेला ७ फरवरी तक है, किसी दिन दोबारा चलेंगे, और हवाई झूले में झूलेंगे.
वाह मेरी घुची मुचि भोपाल की सैर कर रही है अरे नानी को क्यों नहीं साथ ले कर गय? जाओ तुमसे नहीं बोलती अब आशीर्वाद्
hello lavi, aap ka web page to bahut hi sundar hai. bhopal ki masti bhari sair ke baad ab kaha ki taiyari hai….
लवी, बहुत अच्छा सैर रहा मेले की . भोपाल का मेला तो बच्चों के लिए बढ़िया है यहाँ दिल्ली का अप्पू घर तो सरकार ने बंद कर दिया , हम बच्चो की सुनने वाला कोई नहीं है