मैं थोडा लेट हो गई नए साल की मुबारकबाद देने में… दरअसल मैं न्यू इयर सेलेब्रेट कर रही थी ना आप सभी को मेरे और मेरे परिवार की तरफ से नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं.
कल नए साल पर पापा ने कहा की लवी को वन विहार घुमा लाते हैं, पर जब हम वन विहार पहुंचे तो पता चल की ये तो हर शुक्रवार को बंद होता है.
फिर हम उसके पास ही बोट क्लब चले गए.. और वहां तो खूब मस्ती की… और खेल खेल में ही मैंने एक नया शब्द भी सीख लिया ‘डक’. वहां बहुत सारे डक थे ना… उनको देख कर.. आप सुन सकतें हैं नीचे वाले विडियो में….
हमारे साथ नबील भाई भी घूमने गए थे.
अब बोट क्लब गए तो बोटिंग भी तो करनी थी ना… हम सब पैडल वाली बोट में सवार हुए और नबील भाई और पापा ने पैडल मारना शुरू किया और बोट बिलकुल झील के बीच में पहुँच गई. मज़ा आ रहा था मुझे तो..
अब इतनी मस्ती के बाद तो प्यास तो लगनी ही थी… तो मैंने तो नारियल पानी पी लिया… आप इस स्लाइड शो में देखिये मेरी बोटिंग की और तस्वीरें…
और ये विडियो तो रह ही गया….
आप तस्वीरें और विडियो देखिये… मैं आपसे बाद में मिलती हूँ अपनी ढेर सारी बातों के साथ…. तब तक के लिए बाय
मेरे जन्मदिन पर रवि अंकल ने मेरे लिए एक बहुत ही प्यारा गीत रचा है. शुक्रिया रवि अंकल.
छम-छम करती आज सलोनी
आई सुबह सुहानी!
जन्म-दिवस है उसका, जिसकी
हँसी बहुत मस्तानी!
जिसे देखकर आ जाती है
हर मन में ख़ुशहाली!
नाच-नाचकर गाते हैं मन
ख़ुशियों की कव्वाली!
कव्वाली में गूँज रही है
सबसे मधुर कहानी!
जन्म-दिवस है … … .
जिसके आने से बगिया की
महक उठे फुलवारी!
कहता है हर फूल जहाँ में
लविज़ा सबसे प्यारी!
है जिसकी हर अदा निराली
परियों की जो रानी!
जन्म-दिवस है … …
तारो की पोटली खुलकर गिरी कही.. जब मिली तो एक तारा कम था मद्धम रोशनी में ज़मीन पर देखा तो एक नन्ही मुस्कुराहट उंगली थाम के चली आई आँगन में.. खिलखिलाती रहती है अब गालो पे हमारे.. और मुड़ कर देखती है पीछे... जब भी प्यार से कोई कहता है... लवी...
अरे लवि बेटा तेरी तस्वीर और विडियो तो बहुत सुंदर लगे. नये साल की लवि को और पूरे परिवार को घणी रामराम.
रामराम.
थैंक यू, ताऊ जी
लवि तुम्हें और पूरे परिवार को मेरी भी नये साल पर मुबारकवाद । हमेशा खुश रहो। आशीर्वाद
थैंक यू, नानी जी
बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ बधाई ।
थैंक यू, आंटी जी
very very beautiful…so nice
Thank You
हैप्पी न्यू इयर लवी.
ये मस्ती मस्ती में सीखने का सिलसिला इस साल खूब परवान चढ़े.
थैंक यू, अंकल
हम तो पहले ही आर्कुट पर मिल आये तुमसे…फिर से मिलकर अच्छा लगा.
अंकल ऑरकुट नहीं…. फेसबुक…
…. थैंक यू