हमेशा इफेक्टिव रहने वाला तरीका

20 Dec

Sunday, 2009 | posted by: लविज़ा | Laviza

 

Laviza

 

 

उस दिन घर पर खेलते खेलते मेरी नज़र कपडे धोने वाले साबुन पर पड़ गयी. अब ऐसे तो हो नहीं सकता ना की मैं उसे उठा कर थोड़ी जांच पड़ताल ना कर लूं :)

 

तो मैंने उठा लिया और उसका रैपर उतार कर जांचने के लिए जैसे ही मुंह में लेने वाली थी की मम्मी ने देख लिया और साबुन मुझसे लेकर ऊँचाई पर रख दिया.

 

DSC01994 बस फिर क्या होना था.. मैंने भी हमेशा इफेक्टिव रहने वाला तरीका इस्तेमाल कर लिया.  वही रोने वाला :)

 

Lavizaऔर तब तक रोती रही जब तक की मम्मी ने मुझे टॉफी नहीं दी..

 

Lavizaवैसे मैं हमेशा ऐसी जिद नहीं करती, पर कभी कभी तो चलता है ना …. 

अपनी शरारतों के साथ आपसे फिर मिलती हूँ, तब तक के लिए बाय

                                                                                                         – आपकी लवी

 





9 Comments

  1. वाह! ये वाक़ई बढ़िया तरीक़ा है। बचपन में मैं इसे कभी-कभी नहीं, अक्सर इस्तेमाल किया करता था। :)

  2. बिल्कुल चलता है कभी कभी इतनी प्यारी बिटिया के लिए. :)

  3. mehek says:

    aare वाह लावी अकेले अकेले टोफ्फी khayi जा रही है,vaise युही ही शरारत karti raho:),बड़ी pyari पारी lagti ho.

  4. Shakti says:

    अरे वाह ये तो बढ़िया तरीका है :)

  5. Alpana says:

    bahut achchha tareeka hai..:)

  6. ये तो अच्छा तरीका है.. लगता है ये सब पापा सिखा रहे है..

  7. [...] दिन के इफेक्टिव आइडिया के बाद हम भोपाल घूमने गये थे. वी आई पी [...]

Leave a Reply

Type Comments in Hindi or just press ctrl+g to toggle between English and Hindi.