ठण्ड की शुरुआत और भारी भरकम कपड़े

13 Nov

Friday, 2009 | posted by: लविज़ा | Laviza

ठण्ड की शुरुआत हो चुकी है. कल का दिन तो बहुत ही ठंडा था और कल यहाँ बारिश भी हो गयी. बस फिर क्या था नानी ने मेरे सारे भारी भरकम कपड़े निकाल लिए. मुझे ना इतने भारी भारी कपड़े पहनना अच्छा नहीं लगता, लेकिन ठंडे में तो पहननी पड़ती है :(

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और शाम को बाहर घूमने भी नहीं जा सकते. कितना बोरिंग होता हैं ना…

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ऐसे में तो नींद ही आने लगती है….

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फिर जब शाम को पापा घर आये तो फिर मैंने थोडी मस्ती की….

बाकी बातें आपको बाद में बताती हूँ. तब तक आप ये मेरी स्पेशल इफेक्ट वाली तस्वीर देखिये… लेकिन इस तस्वीर को लोड होने तो थोडा समय लगेगा :(

- आपकी लवी

 



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13 Comments

  1. कित्ती प्यारी हमारी लवि!!! ठंड आ गई…बाबा रे बाबा!! :)

  2. स्पेशल इेक्ट की जादू है लवि…समीर अंकल की भी ऐसी बनाओ न!!!

  3. भारी कपडे तो सचमुच अच्‍छे नहीं लगते .. पर ठंड से बचना जरूरी होता है बेटे !!

  4. सर्दी बढ़ गयी है.. ख्याल रखना अपना.. अब तुम बड़ी हो गयी हो.. और पापा का खास ख्याल रखना कल शनिवार जो है…

    स्पेशल इफेक्ट वाली फोटो तो मजेदार है.. बिलकुल स्पेशल चाय की तरह…

  5. amrit says:

    हाँ लविज़ा ठंड बहुत हो गयी है।

  6. Pankaj says:

    फोटो में तो कित्ती क्यूट लग रही हो :)

  7. वाह लवि तेरी यह फ़ोटो देख के तो मजा आगया और मैं तो ठंड भी भूल गया..पर तू कपडे पहन के रखना.

    रामराम.

  8. neeraj1950 says:

    इस ड्रेस में तुम बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही हो…चश्मे बद्दूर…

    नीरज

  9. लवि भई इतने कपडे तो हमे भी अच्छे नही लगते , पापा को बोलो की घर को गर्म रखे फ़िर घर मै इतने कपडे नही पहनाने पडेगे, लेकिन बिटिया सर्दी से बच कर रहना, बाहर जाओ लो मफ़रल,टोपी गर्म बुट अरे अरे अभी जाकेट तो भुल ही गये वो भी पहन लेना

  10. स्पेशल लविजा की स्पेशल इफेक्ट वाली फोटो देखकर हम तो खुश हो गये ।

  11. लवी यहाँ तो ठण्ड आई ही नहीं अभी तक इस बार ….न स्वेटर न गर्म कपडे ……!!

  12. कुश अंकल ने
    तुम्हारे लिए
    वाकई
    बहुत अच्छी
    कविता रची है!

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