| मम्मी जब भी बाहर जाती हैं, गोल गप्पे, जिसे वो पानी पूरी कहती हैं, जरूर खाती है. मैं उनसे लेने की कितनी भी कोशिश कर लूं मुझे खिलाती ही नहीं. पर कल जब हम ट्राईटन मॉल घूमने गए थे तो वहां फ़ूड कोर्ट में उन्होंने मुझे गोल गप्पे खिलाये. |
| गोल गोल, पहले उसे जरा सा तोड़ो, फिर आलू का मसाला भर कर खट्टे पानी के साथ खाओ.. पर मुझे इतना इंतज़ार कब होता है. मैंने तो सीधा ही उठा लिया. |
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एक हाथ में गोल गप्पा और एक हाथ में आलू का मसाला लेकर मैंने तो मज़े से खा लिया.. |
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नया नया स्वाद था पर बहुत ही मजेदार स्वाद था. |
| अब मॉल गए थे, घूमना भी जरूरी था ना… तो थोडा घूम कर हम वापस आ गए… वहां की और भी तस्वीरें आप गैलरी में देख सकते हैं. |
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आप तस्वीरें देखिये, आपसे बाद में मिलती हूँ. तब तक के लिए बाय.. - आपकी लवी |
गोल गप्पे का नया नया स्वाद
9
Nov
Monday, 2009 | posted by: लविज़ा | Laviza









लवी को बहुत बहुत प्यार!
बहुत अच्छी तस्वीरें हैं!!
बच्चों को खट्टा पानी लेना भी नहीं चाहिए .. बहुत अच्छा किया तूने .. सादा ही खाया !!
अरे वाह कल तो हम भी उसी मॉल में थे.. अजब गजब की टिकिट नहीं मिली तो लन्दन ड्रीम्स देख रहे थे..
अरे वाह लवि, हमारे मुंह में तो पानी आरहा है.:) बहुत बढिया.
रामराम.
अरे वाह, आपको गोलगप्पे खाते देखकर हमारे मुंह में पानी आ गया।
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और अब दो स्क्रीन वाले लैपटॉप।
एक आसान सी पहेली-बूझ सकें तो बूझें।
मुंह में पानी भर आया…अकेले अकेले गोल गप्पे खाना अच्छी बात नहीं है…
नीरज
अरे लवी बेटा…. क्यो तरसा रही हो… अरे थोडा पानी पीना था ना गोल गप्पे का
प्यार बिटिया
are waah golgappe khub khaaye ..hame bhi khaane hain …:)
Lavi…mere bhi munh mein paani aa gya..pani poori sun kar…:)…
achcha hai sadi poori khayee tumne..pani ke saath nahin..samjhdaar ho !