मिलिए मेरे दोस्त शेर खान से…

6 Nov

Friday, 2009 | posted by: लविज़ा | Laviza
मेरे दोस्त शेरू से मिलेंगे ? ये शेर खान है. जब हम दादू के घर गए थे ये मुझे वहां मिला था.

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पहले तो मुझे इसके पास जाते हुए डर लगा था. इसलिए पहले इसे दूर दूर से ही देखा.

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फिर थोडी देर में मैं कम्फर्टेबल हो गयी और जब लगा की ये मुझसे दोस्ती करना चाहता है तो मैंने भी इससे दोस्ती कर ली.

 

 

कुछ दोस्तों से तो आप पहले भी मिल चुके हैं. :)  

अच्छा फिर मिलते हैं… तब तक के लिए बाय…

- आपकी लवी

 

 

 

14 Comments

  1. अले बाप ले..इसे कहाँ से ले आई लवि बिटिया…अंकल तो डर ही गये.. :)

  2. Ranjan says:

    खतरनाक खेल… :)

    प्यार..

  3. Mahfooz says:

    अले! बाप ले! मैं तो डल गया…………

  4. neeraj1950 says:

    बहादुर बच्ची है लाविज़ा ऐसे वैसे शेरों से नहीं डरती…शाबाश…
    नीरज

  5. अरे लवि तूने तो शेर की आंख मे उंगली डाल कर इसके कान भी उमेठ दिये? बहुत बहादुर बिटिया होगई लवि तो?

    बहुत प्यार.

    रामराम

  6. madhav says:

    शेर खान शेर नहीं बाघ है , मुझसे दोस्ती करोगी

  7. वाह लवी बिटिया तो जंगल के राजा से दोस्ती कर बैठी ……बहुत खूब….!!

  8. dr.anurag says:

    मै भी डर गया …..

  9. दद्दा रे! हम तो डर ही गए थे इतने असली शेर को देखकर.

  10. वाह…बिटिया!
    आपसे मिल कर भी अच्छा लगा और
    आपके दोस्त से मिलकर भी अच्छा लगा!

  11. Alpana Verma says:

    @Lavi bete sorry ..bahut dino baad aap ke naye blog par aa payi hun-
    congrates is naye blog ke liye–bahut hi sundar hai—
    -ab bookmark kar liya hai-miss nahin hoga…:)

    aap naya friend Sheru bahut hi pyara hai!meri hello kahnaa :)

  12. ankit says:

    लवी आप तो बहुत बहादुर हो गयी हैं,

  13. अरे आपका दोस्‍त तो वाकई शानदार है, शेरखान जो ठहरा…बड़े होकर इसे भूलिएगा नहीं…

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