Archive for August, 2009

वैसे तो पापा शाम को जब ऑफिस से आते हैं तो हम खेलते हैं, पर उस दिन पापा ऑफिस से आने के बाद इफ्तार करके नमाज़ पढने गए और वापस आकर सीधे बेड पर लेट गए, शायद नींद आ रही थी उनको.

DSC00144

वो तो सो गए पर मुझे बिना खेले चैन नहीं आ रहा था. शायद मम्मी को भी मेरी परेशानी समझ में आ गयी थी. उन्होंने मुझे पापा की बगल में बिठा दिया. उसके बाद मैंने पापा को कैसे उठाया देखिये इन तस्वीरों में.

इधर मैं पापा को उठा रही थी और मम्मी ने इनको कैमरे में क़ैद कर लिया.

DSC00151 पहले तो मैं जाकर उनके गोद में लेट गयी और उन्हें प्यार से उठाने की कोशिश की.
DSC00160 इस पर भी पापा नहीं उठे तो मैंने थोड़ा सा रोना मचाया.
DSC00158

और जब फिर भी नहीं उठे तो मैंने फायनली उनके कान के पास जाकर जोर जोर से रोना शुरू कर दिया. उसके बाद तो उनको उठना ही पड़ा. :-)

वैसे अब मम्मी को अच्छा आईडिया मिल गया है, जब भी पापा ना उठे बस मुझे उनके पास बिठा दो.